मेरा सवा शेर भारत
मेरा सवा शेर भारत
कुछ लोगों का कहना है की इस सरकार ने ये बीच दिया वो बेच दिया । एक साथी ने कहा की इस सरकार ने देश को चवन्नी के भाव बेच दिया है । तो ऐसे सभी चवन्नी छाप लोगों को मेरा जवाब है कि ये चवन्नी अब एक रुपये में लग कर सवाया हो चुकी है । जिसे विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की जीडीपी की तेज़ी से समझा जा सकता है ।दुनिया के बड़े बड़े शेर कहे जाने वाले देशों के आगे सवा शेर भारत खड़ा है । जिसके राष्ट्रीय चिन्ह में भी शेर है ।आज विश्व की सबसे तेज प्रगतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है भारत की अर्थव्यवस्था । विश्व का हर बड़ा देश भारत में निवेश करने के लिए उत्सुक दिखाई पड़ता है । दुनिया को आज विश्व गुरु के साथ साथ विश्व नेतृत्व की क्षमता भी भारत में नज़र आने लगी है । भारत इस प्रकार अपनी कूटनीति आगे बढ़ा रहा है कि दो परस्पर दुश्मन देशों को एक ही मंच पर लाने की क्षमता दुनिया को भारत में दिखने लगी है । युद्ध रोकने की कूटनीति भी भारत में दिख रही है । ये विश्वास कमाना एक बड़ी जीत है ।ये आज के नेतृत्व द्वारा विश्व में भारत के प्रति पैदा किए गये विश्वास के कारण ही ये संभव हो पाया है । इसके लिए कूटनीतिज्ञों की जितनी प्रशंसा की जाए कम है । इस विश्वास को कमाने में रही सही कसर हमारी टेक्नोलॉजी की बढ़ती ताक़त ने पूरी कर दी है ।चाहे बात चन्द्रयान की हो या यूपीआई की हो या हो ब्रह्मोस मिसाइल की हर क्षेत्र में झंडे गाड़ने का काम हो रहा है ।कुल मिलाकर आज एक सशक्त भारत की छवि उभरी है और ये सब उस चवन्नी का ही कमाल है जो एक रुपये में जुड़ी है । जिस से वो सवा रुपया बनता है । ऐसे ही नहीं मेरा भारत सवा शेर बन रहा है ।
तीसरे विश्वयुद्ध की दहलीज़ पर खड़े होकर भी दहाड़ने को तैयार मेक इन इंडिया का शेर जिसके आगे बड़ी से बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मिमियाती नज़र आ रही हैं । और भारत दहाड़ते हुए आगे बढ़ रहा है हर देश भारत से हाथ मिलाने के लिए आतुर है । इस सब के पीछे है भारत की विदेश नीति और कठोरता से इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया गया निवेश जो आज भारत की तरक्की में चार चाँद लगा रहा है ।
यही काल जिसे अमृत काल कहा जा रहा है वाकई भारत के लिए अमृत काल साबित हो रहा है । आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी इस काल को अपने इतिहास में वर्णित होने पर ।
गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ कि मैं इस काल में हूँ ।
#भारत


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