कैसे पाएँ परीक्षा में अच्छे अंक वाली सफलता



जैसे जैसे परीक्षाएँ नज़दीक आती जा रही हैं । विद्यार्थियों की हालत पतली होती जा रही है। अभिभावक भी अपने बच्चों के लिए चिंतित हैं । वैसे ही कोरोना ने वर्ष भर पढ़ाई से दूर रखा ।स्कूल  बंद रहे । जैसे पढ़ाई से नाता ही टूट गया । सरकार ने भी कोशिश की है कि छात्रों के लिए इस चिंता को कैसे कम करें । syllabus कम करके या ओनलाइन शिक्षण की व्यवस्था करके । दोनो करने के बाद भी अभिभावकों और छात्रों दोनों की परेशानियाँ कम नहीं हो पा रही है। 

कठिनाइयाँ व परिस्थितियाँ कैसी भी रहीं हों आज के समय की गलाकाट प्रतियोगिता में आगे रहने वाला ही सफल माना जाता है। अंकपत्रिका में कभी दर्ज नहीं किया जाता कि आपने किन परिस्थितियों में पढ़ाई की ।

खैर जीतता वही है जो मानसिक रूप से सुदृढ़ होता है। अतः सबसे पहले अपने मन में सकारात्मकता रखना ही सबसे ज़्यादा ज़रूरी मंत्र है । हमें कम समय मिला तो पाठ्यक्रम भी कम ही मिल रहा है । 

परीक्षा में अच्छे या पूरे के पूरे मार्क्स लाने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए ।

आगे चलिए - आगे चलिए का अर्थ अपने अध्यापक की बात काटना नहीं बल्कि (update रहिए) पाठ्यक्रम में कक्षा मे शुरू करने से पहले एक बार रीडिंग अवश्य कीजिए ।पिछली कक्षा के कार्य को अवश्य पढ़कर  प्रश्नों की सूची तैयार रखें । कक्षा में अधिकतर प्रश्न अपने आप हल होते जाएँगे लेकिन कुछ कम रहने पर आप प्रश्न उठा सकते हैं ।ओर हल प्राप्त कर सकते हैं । 

नियमित- एक दिन पढ़ाई पूरे मन से की और चार दिन फ़ालतू के काम में निकाल दिए तो आपकी की हुई पढ़ाई भी बेकार जाएगी ।सफलता के लिए नियमित होना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है ।लगन के लिए आप अपने आपको motivate करते रहें । अतः पढ़ाई के लिए नियमित रहिए । चाहे कम समय दें पर नियमित रहें ।

स्वास्थ्य- अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है ।पढ़ाई से अलग थोड़ा सा समय व्यायाम हेतु भी निकालें । एवं खानपान का भी ख्याल रखना आवश्यक है । स्वस्थ तन में स्वस्थ मन बसता है । स्वस्थ तन में एकाग्रता भी बढ़ती है।

बिंदुवार पढ़ाई- मुख्य बिंदुओं को अवश्य तैयार करके रखें । 

पाठ्यक्रम की सही जानकारी- पाठ्यक्रम की सही जानकारी अवश्य रखें वर्ना परीक्षा पूर्व आपको पछताना पड़ सकता है । सम्बंधित विभाग से प्राप्त पाठ्यक्रम ही ध्यान में रखें ।

समय सारणी- समय सारणी का महत्व हर क्षेत्र में है । time table बना कर पढ़ने से सभी विषय समय से पूर्ण कर लिए जाते हैं कोई हड़बड़ी नहीं होती और आत्मविश्वास बढ़ता है। 

हर विषय को प्रधानता - कई बार कुछ विषयों को हम कम महत्व देते हैं और केवल परीक्षा के चार पाँच दिन पहले ही उनकी पढ़ाई करते  हैं । जैसे शारीरिक शिक्षा । लेकिन ऐसा करने पर आपका यह विषय अन्य विषयों मे की गई मेहनत पर पानी फेर सकता है । अतः इन्हें भी कुछ समय नियमित रूप से दें।

नई तकनीकों की मदद लेना - पढ़ाई के लिए नई नई टेकनोलोजी का प्रयोग करना फ़ायदेमंद रहेगा । जैसे online पढ़ाई ।YouTube videos, pdf notes , appbased education Whatsapp पर भी अध्यापक या साथियों से प्रश्न पूछा जा सकता है। 

सरकार द्वारा फ़्री channels के माध्यम से भी हर कक्षा के लिए एक chennel पर lesson पढ़ाने की व्यवस्था की गई है जिसे आप अपने tv पर free में देख सकते हैं । 

मुख्य बिंदुओं का चयन - क्या पढ़ना है क्या नहीं इसका चुनाव अवश्य कर लेना चाहिए 

Notes बनाना- बने बनाए notes अवश्य लें लेकिन सिर्फ़ उन्ही पर निर्भर न रहें । अपने नोटेस स्वयं अध्ययन करके तैयार करें । इस से  आपको परीक्षा में मानसिक अवरूढता से बचनें में मदद मिलेगी ।

पूर्ववर्ती  वर्षों  के प्रश्नपत्रों को  हल करना -आजकल बाज़ार में कई पब्लिसर पूर्व प्रश्नपत्रों को हल सहित पुस्तक के रूप मे उपलब्ध करवा रहें हैं । इस तरह छात्र प्रश्न पत्र के प्रारूप से रूबरू हो सकेंगे । परीक्षा में बैठने से पहले यदि छात्र इनकी practice करते हैं तो उन्हें अवश्य लाभ होगा । 

Toppers की शीट्स का अध्यन करना -आजकल शिक्षा विभाग पूर्व topper छात्रों की answer sheets को छात्रों के अध्ययन हेतु नेट पर उपलब्ध करवा रहा है । उन शीट्स की मदद से आप अपने लिए तैयारी की रूपरेखा बना सकते हैं । कैसे presentation करना है आपको सीखने में मदद मिलेगी । 

अन्य छात्रों ओर स्वयं के द्वारा आमतौर पर परीक्षा में की जाने वाली ग़लतियों को सुधारना। दूसरों की ग़लतियों से सीखने वाले को अत्यंत समझदार समझा जाता है।




 

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