छात्रों के लिए अध्यापक के मन की बात( in form of a letter)

 (Work from home)                                                            



प्रिय छात्रों ,

सबसे पहले , सभी को सुप्रभात !

आज आपसे बात करने का मन हुआ जैसे कक्षा में जाते ही किया करता था ( actully i am missing my class )। मुझे लगता है आप भी कर रहे होंगे । समय ही ऐसा आया है । लेकिन हौसलों के आगे ये भी गुज़र जाएगा । इस कठिन समय को अपने आपको तराशने में लगाओ जिससे इस समय की उपयोगिता आपके जीवन को नयी दिशा प्रदान करे ।

कई बार लगता है कि ये कार्य बड़ा कठिन है कैसे होगा ? कैसे करूँगा ? कितनी मेहनत लगेगी ? हम हताश से होने लगते हैं ।और हम उस कार्य में मन न लगा पाते हैं । जिससे कार्य की गुणवत्ता गिर जाती है और विद्यार्थी को मन से कार्य नहीं करने से उस कार्य का फल काग़ज़ पर तो मिलता है परंतु  जिस उद्देश्यों को लेकर शिक्षा के कार्य कराए जाते हैं उन उद्देश्यों की पूर्ति नहीं होती ।

अतः आपके हित में सदैव के लिए एक सलाह है कि आपको हताश नहीं होना है ।  आप जो भी कार्य करें उसे पूरे मन और एकाग्रता से करने की कोशिश करें और अध्यापकों द्वारा समय समय पर दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करके उचित सफलता को प्राप्त करें । 

कुछ छात्र जोकि दिशा निर्देशों का पालन करते हैं वाक़ई उनके कार्य की गुणवत्ता भी बढ़ती है और जब किसी कार्य में छोटी छोटी सफलताएँ मिलती है तो लगन ओर एकाग्रता भी बढ़ती है जिससे बड़ी सफलता की ओर आप बढ़ पाते हैं । 

अतः समय समय पर दिए गए निर्देश दोबारा पढ़ते रहना चाहिए और आत्मसात् करना चाहिए । जिससे आप अपने presentation of work को बेहतर और बेहतर बना सकें । क्योंकि हमारी शैक्षणिक व्यवस्था में अच्छे प्रस्तुतीकरण पर अच्छे अंक प्रदान करती है । 

बड़ी बड़ी कंपनियों में भी अच्छे प्रस्तुतीकरण के कारण कुछ लोग जल्दी ही सफलता की सीढ़ियां चढ़ जाते हैं । स्मार्ट वर्क सबसे पहले सफलता पाता है । मेरा पिछली आठ सालों का परिणाम लगातार 100%  रहा है । इस वर्ष भी आप सभी ये यही उम्मीद रहेगी । 

आप सभी से


स्मार्ट कार्य की अपेक्षा में ।


स्नेह सहित 

आपका अध्यापक 

सतीश कुमार 


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